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RAW

रॉ (Raw) भारत की एक खुफिया विभाग है। जिसका फुल नाम रिसर्च एंड एनालिसिस विंग है। रॉ (Raw) का कानूनी दर्जा अभी भी अस्पष्ट है कि आखिर क्यों एक रॉ (Raw) एजेंसी नहीं बल्कि विंग है।


रॉ (Raw) 1962 और 1965 के युद्ध के बाद 1968 में इसका गठन किया गया था। रामेश्वर नाथ काव के नेतृत्व में 21 सितंबर 1968 को इसका गठन हुआ था।

 रॉ (Raw) का मुख्यालय नई दिल्ली है , यह भारत की सबसे बड़ी गोपनीय खुफिया विभाग है ।

 रॉ Raw का कार्य -

रॉ (Raw) का काम विदेशी और घरेलू मामलों में आतंकवाद का मुकाबला करने का है । भारत की परमाणु कार्यक्रम को गोपनीय रखना भी रॉ (Raw) की जिम्मेदारी है। अगर आपने इस एजेंसी के बारे में खबरों में या कहीं और ज्यादा कुछ नहीं सुना है तो आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि यह वास्तव में कितना गोपनीय है।

Raw मे ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को बंदूक नहीं मिलती है।  रॉ गठन के मात्र 3 साल के अंदर में बांग्लादेश के गठन में अहम भूमिका निभाई थी।

सिक्किम का भारत में विलय करने में रॉ (Row) ने प्रमुख भूमिका निभाई हैं।


 Raw के जासूस की जिंदगी फिल्मों में दर्शाई गई जासूस की जिंदगी से कहीं से भी मेल नहीं खाती हैंं। एक जासूस की राज उसके कब्र के साथ ही दफन हो जाती है।

रॉ ( Raw ) में शामिल व्यक्ति के घर वालों और उसकी पत्नी तक को नहीं पता चलता है कि वह इसमें शामिल है।

इस एजेंसी को खोजने की जरूरत नहीं है यह अपने आप ही आपके पास पहुंचेगी।

यदि एक पुलिस वाला राॅ ( RAW ) में आना चाहता है तो उसका पुलिस रिकॉर्ड बेदाग होना जरूरी है।

RAw के सदस्य विदेशी भाषाओं का ज्ञान और खेल का ज्ञान इसमें शामिल होने के लिए आपको कई फायदे पहुंचा सकता है।

Raw के सदस्यों अपने विभाग से कुछ भी छिपाने की कोशिश ना करें होशियारी आपके लिए नई चुनौती ला सकता है।

इसमें शामिल होने के लिए आपके माता पिता भारतीय होने चाहिए।

आप यह साबित करें कि आप 24 घंटे सातों दिन किसी भी परिस्थिति में काम कर सकते हैं और उस परिस्थिति में ढल सकते हैं। इसका ट्रेनिंग आसान नहीं होता यह आपके मस्तिक शरीर और मन को परखता है। आपका राॅ में शामिल होने का सपना एक राज ही होना चाहिए।

राँ (Raw) पर आरटीआई नहीं डाल सकते क्योंकि यह देश की सुरक्षा का मामला है।


 राॅ (Row) अपनी रिपोर्ट सीधे प्रधानमंत्री को भेजता है। इसके डायरेक्टर का चुनाव सेक्रेटरी द्वारा होता है
* रॉ में शामिल होना कोई मालामाल होना नहीं है वह व्यक्ति इससे दूर है जो रिश्वत लेते हैं और लालची हो।

Raw शामिल होने के लिए सबसे अच्छा तरीका है , की UPSC पास करें और IPS या IFS पर कार्यरत हो जाए ।

यदि राॅ एजेंट दूसरे देशों में जासूसी करते हुए पकड़ा जाता है तो अपने देश की सरकार ही उससे पल्ला झाड़ लेती है , जरूरी नहीं कि आपके मरने के बाद देश की ही मिट्टी नसीब हो।

जय हिन्द।

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