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पारा (मरकरी)

पारा मरकरी एक तरल धातु है जिसे तरल चांदी भी कहा जाता है।
- तरल धातु का नाम पारा है।
- पारा श्वेत रंग का चमकदार गंधहीन विषैला द्रव धातु है।
पारा को पारद या मरकरी के नाम से भी जाना जाता है।
* कमरे के तापमान का पारा एक तरल अवस्था में पाया जाता है।
* रुपए का सिक्का पारा में तैरता है।
मरकरी का रासायनिक सूत्र Hg है।
* पारा का परमाणु संख्या 80 है।
* पारा एक संक्रमण धातु है।
* आवर्त सारणी में पारा डी ब्लॉक का अंतिम तत्व है।
* अपनी कम गलनांक और क्वथनांक की वजह से पारा थर्मामीटर में प्रयोग होता है।
* थर्मामीटर के अलावा पारा बैरोमीटर, मैनोमीटर तथा अन्य मापक उपकरण में भी प्रयोग होता है।
* हवाई जहाज में पारा ले जाना सख्त मना है क्योंकि जहाज एलुमिनियम का बना होता है और पारा इसे नष्ट कर देता है।
* पारा के 7 स्थिर और 3 अस्थिर समस्थानिक ज्ञात है।
* रासायनिक जगत में केवल पारा ही एक धातु है जो साधारण ताप और दाब पर द्रव के रूप में होता है।
* द्रवरूप और चांदी के समान चमकदार होने के कारण पुरातन युग में पारा कोतूहल का विषय रहा है।
* लगभग 1500 ईसापूर्व में बने मिस्र के मकबरे में पारा प्राप्त हुआ है।
* पारा बिजली का सुचालक है।
* भारत में पारा का प्राचीन काल से ही वर्णन हुआ है।
* चरक संहिता में दो स्थानों पर इसे रस और रसोत्तम नाम से भी संबोधित किया गया है।
* वाग्भट ने औषध बनाने में पारा का वर्णन किया है।
* वृंद ने सिद्धयोग में कीट मारक औषधियों मे पारा का उपयोग बताया है।
* तांत्रिक काल (700 ई - 1300 ई ) पारा का बहुत महत्व दी गई है।
* नागार्जुन द्वारा लिखित रसरत्नसमुच्चय नामक ग्रंथ में पारा की अन्य धातुओं से शुद्ध करने तथा उससे बने अनेक औषधियों का विस्तृत वर्णन मिलता है।
* बुध (Mercury) ग्रह के आधार पर इस तत्व का नाम मरकरी रखा गया है।
* पारा मुक्त अवस्था में यदाकदा मिलते हैं परंतु इसका मुख्य अयस्क सिनेबार (HgS) है जो विशेषकर स्पेन अमेरिका मेक्सिको जापान चीन और मध्य यूरोप में मिलते हैं।
* सिनेबार को वायु में आक्सीकृत करने से पारा मुक्त होता है।
* पारा का परमाणु भार 200.59 है।
* पारा का गलनांक 38.89 डिग्री सेंटीग्रेड है।
* पारा का क्वथनांक 356.58 डिग्री सेंटीग्रेट है।
* पारा का घनत्व 13.5469 प्रति घन सेमी (20 डिग्री सेंटीग्रेड पर)।
* पारा अनेक धातुओं से मिलकर मिश्र धातु बनाता है।
* पारा के दो संयोजकता और दो क्लोराइड योगिक है।
* पारा के योगिक अधिकतर विषैले होते हैं परंतु न्युन मात्रा में औषध रूप में दिए जाते हैं।
* पारा का उपयोग अनेक लपों तथा विसर्जन नलिकाओं में भी होता है।
* पारा के स्पेक्ट्रम की हरी रेखा को तरंगदैध्र्य मापन में मानक माना जाता है।
* लगभग 50% पारा स्पेन और इटली द्वारा निर्मित होता है।
* गर्म करने पर पारा रंगहीन गंधहीन गैस होता है।
* पारा वायु जल एवं मिट्टी में पाया जाता है।
* गर्भवती महिलाएं अपने शरीर में मौजूद पारे को अपने बच्चों में संचरित कर सकती है।
* पारे वाले उत्पादों को सावधानीपूर्वक छुना चाहिए।

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