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विनायक दामोदर सावरकर (स्वतंत्रता सेनानी)
विनायक दामोदर सावरकर (स्वतंत्रता सेनानी)
* विनायक दामोदर सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रिम पंक्ति के सेनानी थे जिन्हें प्रायः वीर सावरकर के नाम से संबोधित किया जाता था
* सावरकर का जन्म महाराष्ट्र के नासिक के निकट भागुर गांव में 28 मई 1883 हुआ था
* सावरकर के पिता का नाम दामोदर पंत सावरकर और माता का नाम राधाबाई था
* सावरकर के जन्म के 9 वर्ष बाद हैजा के कारण मां का निधन हो गया और मां के निधन के 7 वर्ष बाद प्लेग के कारण पिता का निधन हो गया था
* सावरकर का पालन-पोषण बड़े भाई गणेश ने किया

* सावरकर ने शिवाजी हाई स्कूल नाशिक से 1901 मैट्रिक की परीक्षा पास की थी
* बचपन में सावरकर ने अपने साथियों को संगठित कर उनमें राष्ट्रीयता की भावना को जागृत किया
* 1901 यमुनाबाई से इनका विवाह हुआ
* सावरकर ने ससुर के पैसे से 1902 में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी कर पूरे के फर्ग्युसन कॉलेज से b.a. किए
* सावरकर ने 1904 में अभिनव भारत नामक एक क्रांतिकारी संगठन की स्थापना की थी
* सावरकर पहले व्यक्ति थे जिसने 1905 में बंगाल के विभाजन के बाद पुणे में विदेशी वस्त्रों की होली जलाई
* सावरकर एक क्रांतिकारी के साथ-साथ भाषा वादी, बुद्धि वादी, कवि, राजनेता और समर्पित समाज सुधारक थे
* सावरकर अखिल भारतीय हिंदू महासभा के छह बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बने
* सावरकर को हिंदू शब्द से बेहद लगाव था उन्होंने जीवन भर हिंदू हिंदी हिंदुस्तान के लिए कार्य किया
* सावरकर पहले ऐसे व्यक्ति थे जिसने कलम कागज के बिना जेल की दीवार पर पत्थर के टुकड़े से कविताएं लिखे
* सावरकर 1911 से 1921 तक अंडमान जेल में रहे

* सावरकर पहले ऐसे व्यक्ति है जिसे अदालत ने आजादी के बाद सभी आरोपों से बरी किया
* सावरकर पहले ऐसे देश भक्त है जिसने 1901 में रानी विक्टोरिया के निधन पर शोक सभा का विरोध किया
* सावरकर ने ही पहला भारतीय झंडा बनाया था
* सावरकर 1947 में भारत विभाजन का विरोध किया था
* सावरकर पहले ऐसे व्यक्ति थे जिसने ब्रिटिश सम्राज्य के केंद्र में उसके विरुद्ध क्रांतिकारी आंदोलन संगठित किए
* सावरकर पहले ऐसे व्यक्ति थे जिसने 1905 में बंग भंग के बाद 1906 स्वदेशी का नारा दिया
* सावरकर पहले ऐसे व्यक्ति थे जिसने अपने विचारों के कारण बैरिस्टर की डिग्री खोई
* अछूतों को मंदिर का पुजारी बनाने वाले सावरकर पहले राजनीतिक कैदी थे
* सावरकर पहले व्यक्ति थे जिसने 1857 की लड़ाई को भारत का स्वाधीनता संग्राम बताते हुए लगभग 1000 पृष्ठों का इतिहास 1907 में लिखा
* सावरकर दुनिया के एकमात्र ऐसे लेखक हैं जिनकी किताब को प्रकाशित होने से पहले ही ब्रिटिश सरकार ने प्रतिबंध कर दिया
* सावरकर दुनिया के पहले ऐसे राजनीतिक कैदी थे जिन का मामला हेग के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में चला
* सावरकर का निधन 26 फरवरी 1966 को मुंबई में हुआ

* सावरकर के सम्मान में डाक टिकट जारी हुआ और पोर्ट ब्लेयर के विमानन क्षेत्र का नाम वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखा गया

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