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बलबीर सिंह सीनियर (हॉकी खिलाड़ी)
* हॉकी टीम के पूर्व कप्तान तथा भारत को ओलंपिक में तीन गोल्ड मेडल जिताने वाले बलबीर सिंह सीनियर का आज 25 मई 2020 को निधन हो गया है
* 1957 में पद्मश्री से सम्मानित होने वाले वह पहले हॉकी खिलाड़ी थे
* वह 1952 के ओलंपिक में नीदरलैंड के खिलाफ 5 गोल किए थे जो विश्व रिकॉर्ड है
* बलबीर सिंह का पुरा नाम बलबीर सिंह दोसांझ है उनका उपनाम बलबीर सिंह सीनियर है
* बलबीर सिंह सीनियर का जन्म 31 दिसंबर 1923 (कुछ सोर्स 10 अक्टूबर 1924) को हरिपुर खालसा, पंजाब, ब्रिटिश भारत में हुआ था
* उनके पिता दलीप सिंह तथा माता करम कौर थी
* बलबीर सिंह सीनियर की हाइट 173 सेमी थी
* उनका इंटरनेशनल डेब्यू 1948 में लंदन में अर्जेंटीना के खिलाफ ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में हुई थी
* उनके कोच / मेंटर हरबेल सिंह थे
* बलबीर सिंह सीनियर की बेटी सुशीर और तीन बेटे कंवलबीर सिंह, करनबीर सिंह और गुरबीर सिंह है
* उनकी आत्मकथा दा गोल्डन हैट्रिक है
* ओलंपिक के एक पुरुष हॉकी फाइनल में किसी व्यक्ति द्वारा लिए गए सर्वाधिक गोल (5) का विश्व रिकॉर्ड अभी भी उनके नाम है उन्होंने 1952 में हॉलैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी भारत ने फाइनल मुकाबला अंतिम 6-1 से जीता था
* बलबीर सिंह सीनियर के टीम में रहते भारतीय टीम ने तीन ओलिंपिक गोल्ड मेडल जीते थे, ये हैं; लन्दन-1948, हेलसिंकी-1952, और मेलबोर्न-1956
* बलबीर सिंह सीनियर को अब तक के सबसे महान हॉकी खिलाड़ियों में से एक माना जाता है, उन्हें आधुनिक ध्यानचंद भी कहा जाता है
* बलबीर सिंह को उनके नाम के अन्य भारतीय हॉकी खिलाड़ियों से अलग पहचान के लिए अक्सर बलबीर सिंह सीनियर कहा जाता है
* बलबीर सिंह सीनियर 1975 के पुरुष हॉकी विश्व कप के लिए भारतीय टीम के प्रबंधक और मुख्य कोच थे, जिसे भारत ने जीता था
* 1971 के पुरुष हॉकी विश्व कप में भारत ने उनकी देखरेख में कांस्य पदक अर्जित किया था
* 2012 में लंदन ओलंपिक के दौरान, सिंह को ओलंपिक संग्रहालय प्रदर्शनी में सम्मानित किया गया था
● लंदन ओलंपिक (1948) - 1948 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में बलबीर सिंह ने अर्जेंटीना के खिलाफ अपना पहला मैच खेला था इसके बाद वह ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ फाइनल में खेले थे
* सिंह ने पहले दो गोल किए और भारत ने 4-0 से जीत हासिल की थी भारत ने इस ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था
● हेलिंस्की ओलंपिक (1952) - बलबीर सिंह 1952 के ओलंपिक में भारतीय टीम के उप-कप्तान थे, जबकि कप्तान के रूप में केडी सिंह टीम का नेतृत्व कर रहे थे
* बलबीर उद्घाटन समारोह में भारत के ध्वजवाहक थे उन्होंने सेमीफाइनल में ब्रिटेन के खिलाफ हैट्रिक बनाई, जिसे भारत ने 3-1 से जीता था
* इसके बाद उन्होंने फाइनल में नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत की 6–1 की जीत में एक नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए पांच गोल किए थे जो कि किसी भी खिलाडी द्वारा विश्व कप में अब तक सबसे अधिल गोल का विश्व रिकॉर्ड है
* इस ओलिंपिक में बलबीर सिंह को 13 नंबर की जर्सी दी गयी थी और पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने कुल 13 गोल किये थे जिनमे से 9 गोल केवल बलबीर सिंह ने किये थे जो कि पूरी टीम के 70% गोल थे
* भारत ने इस ओलिंपिक में भी गोल्ड मेडल जीता था
● मेलबोर्न ओलंपिक (1956) - बलबीर सिंह को मेलबोर्न ओलंपिक (1956) के ओलिंपिक में भारतीय हॉकी टीम का कप्तान बनाया गया था
* उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ शुरुआती मैच में पांच गोल किए, लेकिन इस मैच में उनके दायें हाथ की ऊँगली टूट गयी थी लेकिन इस खबर में छुपाकर रखा गया क्योंकि दूसरी टीमें उनके पीछे कम से से कम दो खिलाडी लगतीं थीं जिससे टीम के अन्य खिलाड़ी खुलकर खेलते थे
* बलबीर सिंह को ग्रुप मैचों को छोड़ना पड़ा, लेकिन सेमीफाइनल और फाइनल में खेले
* भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अंतिम मैच 1-0 से जीतकर फिर से गोल्ड मेडल जीता था
* कुल 8 ओलंपिक मैचों में उन्होंने अपने देश के लिए 22 गोल किए थे
* यह सिंह साब के लिए तीसरा ओलिंपिक गोल्ड मेडल था

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