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अर्थव्यवस्था का शब्दकोश

अर्थव्यवस्था की बात करें तो यह पूरे विश्व में चल रहे बागडोर का एक हिस्सा है जिससे हम धन का चलन प्रक्रिया चलाते हैं, अर्थव्यवस्था का शब्द बहुत ही कठिन और जटिल रूप होता है जिसको समझने के लिए हमें ऐसे शब्दकोश की आवश्यकता होती है।
अर्थव्यवस्था को समझने के लिए इसकी शब्दकोश को समझना बहुत ही आवश्यक है। जिस प्रकार गाड़ी को चलाने के लिए गाड़ी के सभी आयामों का आवश्यकता पड़ता है उसी प्रका आयामों का आवश्यकता पड़ता है उसी प्रकार  अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए क्या समझने के लिए अर्थव्यवस्था का यह शब्दकोष की आवश्यकता पड़ती है।

1. सी.आर.आर.(नकद आरक्षण अनुपात):- सी.आर.आर. वह धन है जो बैंकों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पास गारंटी के रूप में रखना होता है.
2. बैंक दर :- जिस दर पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को उधार देता है बैंक दर कहलाती है.
3. वैधानिक तरलता अनुपात (एस.एल.आर.):- किसी आपात देनदारी को पूरा करने के लिए वाणिज्यिक बैंक अपने प्रतिदिन कारोबार नकद सोना और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के रूप में एक खास रकम रिजर्व बैंक के पास जमा कराते है जिस एस.एल.आर. कहते है..
4. रेपो रेट:- रेपो दर वह है जिस दर पर बैंकों को कम अवधि के लिए रिजर्व बैंक से कर्ज मिलता है. रेपो रेट कम करने से बैंको को कर्ज मिलना आसान हो जाता है.
5. लीड बैंक योजना :- जिलों कि अर्थव्यवस्था को सुधारने के उद्देश्य से इस योजना का प्रारंभ 1969 में किया गया. जिसके तहत प्रत्येक जिले में एक लीड बैंक होगा जो कि अन्य बैंकों कि सहायता के साथ साथ कार्यक्रमों के माध्यम से वित्तीय संस्थाओ के बीच समन्वय स्थापित करेगा.
6. निष्पादन बजट:- कार्यों के परिणामों या निष्पादन को आधार बनाकर निर्मित होने वाला बजट निष्पादन बजट है इसे कार्यपूर्ति बजट भी कहते है.
7. जीरोबेस बजट:- इस बजट में किसी विभाग या संगठन कि प्रस्तावित व्यय मांग के प्रत्येक मद को शुन्य मानते हुए पुनर्मूल्यांकन किया जाता है. भारत में इसे सर्वप्रथम “काउन्सिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CISR)” में लागू किया गया और 1987-88 से सभी विभागों व मंत्रालयों में लागू हो गया.
8. आउटकम बजट :- इसके तहत प्रत्येक विभाग/ मंत्रालय के भौतिक लक्ष्यों को अल्प अवधि में निरीक्षण एवं मूल्यांकन के लिए रखा जाता है।
9. जेंडर बजट :- इस बजट के माध्यम से सरकार महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए चलाये जा रहे कार्यक्रमों और योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु प्रतिवर्ष एक निश्चित राशि का प्रावधान बजट में करती है।
10. प्रत्यक्ष कर :- वह कर जिसमे कर स्थापितकर्ता (सरकार) और करदाता के बीच प्रत्यक्ष सम्बन्ध होता है. अर्थात जिसके ऊपर कर लगाया जा रहा है सीधे वही व्यक्ति भरता है।
11. अप्रत्यक्ष कर :- वह कर जिसमे कर स्थापितकर्ता (सरकार) और भुगतानकर्ता के बीच प्रत्यक्ष सम्बन्ध नहीं होता है अर्थात जिस व्यक्ति/संस्था पर कर लगाया जाता है उसे किसी अन्य तरीके से प्राप्त किया जाता है।
12. राजस्व घाटा :- सरकार को प्राप्त कुल राजस्व एवं सरकार द्वारा व्यय किये गए कुल राजस्व का अंतर ही राजस्व घाटा है।
13. राजकोषीय घाटा :- सरकार के लिए कुल प्राप्त राजस्व, अनुदान और गैर-पूंजीगत प्राप्तियों कि तुलना होने वाले कुल व्यय का अतिरेक है अर्थात आय(प्राप्तियों) के सन्दर्भ में व्यय कितना अधिक है।
14. बॉण्ड अथवा डिबेंचर :- ऐसे ऋण पत्र होते है जिन्हें केंद्र सरकार, राज्य सरकार, अथवा कोई संसथान जारी करता है इन ऋण पत्रों पर एक निश्चित अवधि पर निश्चित दर से ब्याज प्राप्त होता है।
15. प्रतिभूति :- वित्तीय परिसंपत्तियों जैसे शेयर, डिबेंचर व अन्य ऋण पत्रों के लिए संयुन्क्त रूप से प्रतिभूति शब्द का प्रयोग किया जाता है, बैंकिग में भी ऋणों कि जमानत के सन्दर्भ में प्रतिभूति शब्द का प्रयोग होता है।
16. रिवर्स रेपो रेट:- बैंकों को रिजर्व बैंक के पास अपना धन जमा करने के उपरांत जिस दर से ब्याज मिलता है वह रिवर्स रेपो रेट कहलाता है।
17. सकल घरेलू उत्पाद- एक वर्ष में उत्पादित सभी वस्तुओं का अंतिम मौद्रिक मुल्य उसका सकल घरेलू उत्पाद (GDP)
18. शुद्घ घरेलू उत्पाद- शुद्घ घरेलू उत्पाद किसी अर्थव्यवस्था का वह जीडीपी है, जिसमें से एक वर्ष के घिसावट - टूट और फूट को बाद करके प्राप्त की जाता है। जिसका कारण उनका घिसना या टूटना फूटना होता है। यह एक तरह से शुद्घ जीडीपी होता है।
19. सकल राष्टरीय उत्पाद- किसी अर्थव्यवस्था द्वारा एक वर्ष में उत्पादित वस्तुओं एंव सेवाओं के अंतिम मौद्रिक मूल्य में जब उस वर्ष के उसके विदेशों से आय को जोडते हैं, जो आय का आकलन होता है, उसे सकल राष्ट्रीय उत्पाद कहा जाता है।
20. निबल राष्ट्रीय उत्पाद- किसी अर्थव्यवस्था द्वारा उत्पादित एक वर्ष के सभी वस्तुओं के अंतिम मौद्रिक मूल्य में विदेशों से आय को जोड़कर और घिसावट घटाकर करके जो आय की राशि बचती है, उसे शुद्घ राष्ट्रीय उत्पाद कहा जाता है।

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