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    Central Bank Of The Year award 2020
  •  बैंक पत्रिका द्वारा हाल ही में सेंट्रल बैंक ऑफ द ईयर का अवार्ड घोषित 2020 किया गया , यह  अवार्ड रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शशिकांत दास को मनोनीत किया गया है।
  •  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भारत के बैंकों का बैंक कहा जाता है, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का स्थापना 1 अप्रैल 1935 ईस्वी को कोलकाता में हुआ था तथा इस का राष्ट्रीयकरण 1949 को हुआ।
  •  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया  पहले गवर्नर  कि पहले गवर्नर  ओस्बोर्न स्मिथ थे। पता स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर सी डी देशमुुख थे।
  •  वर्तमान समय में स्थित गवर्नर जनरल शशिकांत दास है, जो भारत के 25 में गवर्नर के रूप में स्थित है।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास को ले करके इनको एशिया पैसिफ़िक सेंट्रल बैंक आफ दी  ईयर 2019 चुन लिया गया है ।
दी बैंकर मैगजीन के द्वारा इनको APCP यानी Central Banker Of The Year चुन लिया गया है।
अब यदि ही बात करें कि इनको इसमें जिनने यह सम्मान क्यों दिया है तो NPA ( non performing asset )  के समय फंड अर्थव्यवस्था मैं सुस्ती की वजह से चुनौतियों से निपट रहे भारतीय बैंक सेक्टर के उचित प्रबंधन के लिए इन्हें यह अवार्ड दिया गया है ।
दी बैंकर मैगजीन 
यह ब्रिटिश मासिक व्यापार पत्रिका हैं। इसके संपादक ब्रायन कैपलेन हैं।  किसकी स्थापन 1926 में हुआ, इसका मुख्यालय लंदन इंग्लैंड में हुआ।

RBI  (Reserve Bank of India)

  इसकी स्थापना 1 अप्रैल 1935 को किया गया था । 
इसके वर्तमान गवर्नर हैं शक्तिकांत दास योगी पच्चीस में नंबर के हैं ।
इनके अलावा चार डेप्युटी गवर्नर भी हैं।  पहला , इन एनएस विश्वनाथन, दूसरा बीपी कानूनगो, तीसरा महेश कुमार जैन ,चौथा माइकल देवरत पात्रा हैं।

शक्तिकांत दास 
  • शक्तिकांत दास का जन्म 26 फरवरी सन् 1955 को  में हुआ। उनका जन्म स्थान उड़ीसा में है , इन्होंने अपना शिक्षा दीक्षा उड़ीसा के एक छोटे से कॉलेज से किया इन्होंने अपने शिक्षा में bachelor of art (BA)  से स्नातक करने के बाद इतिहास विषय से इन्होंने  मास्टर ऑफ आर्ट की डिग्री पूरी की इसके बाद इन्होंने अपने जीवन का अधिक से अधिक समय वित्तीय व्यवस्था और बैंक व्यवस्था को दिया।
  • शक्तिकांत दास 1980 बैच भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी के रूप में चयनित  चयनित हुए।
  • 2013 से 2014 तक फर्टिलाइजर सेक्रेटरी ऑफ इंडिया, 2014 से 2015 तक भारत के राजस्व सचिव और वर्ष 2015 से 2017 तक भारत के आर्थिक मामलों के सचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे ।

नोटबंदी के दौरान भी शक्तिकांत दास BJP सरकार के साथ मिल कर इन्होंने अपने 37 वर्ष का अनिभाव का प्रयोग करते हुवे इन्हों ने कालादन निकलने के  क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए 500 और 1000 के नोट्स को परिवर्तन करने में अहम भूमिका थी।



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