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मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना ( Soil Health Card Scheme )

" भारत की आंधी से ज्यादा आबादी गांव में रहती है। "
 और कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की धुरी होने के साथ साथ ही भारत के अधिकतर आबादी के लिए रोजगार का साधन भी मुहैया कराती है ।
  • किसानों के लिए उनकी जमीन का उपचार होना बेहद जरूरी है।जमीन की अच्छी सेहत के लिए जरूरी है की किसान को जमीन में होने वाली पोषक तत्वों की पूरी जानकारी हो तथा मिट्टी की गुणवत्ता अच्छी नहीं होगी तो किसान की फसल पर भी असर पड़ सकता है।
  • किसान क्योंकि इस जरूरत को देखते हुए 19 जनवरी 2015 को राजस्थान के श्रीगंगा नगर की सूरत गढ़ से देश के किसानों के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड या स्वायल हेल्थ कार्ड स्कीम की शुरुआत की गयी ।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना ( Soil Health Card Scheme )
योजना की थिम है "स्वास्थ्य धरा खेत हरा" इस योजना के तहत ग्राम में स्थित युवा तथा किसान जिनकी उम्र लगभग 40 वर्ष तक है वे  मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना एवं नमूना परीक्षण कर सकते हैं । प्रयोगशालाएं स्थापित करने में 5 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जिसका लगभग  75% केंद्र एवं राज्य सरकार वाहन करती हैं ।

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मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना ( Soil Health Card Scheme )

 योजना के तहत वृद्धा की स्थिती का आकलन नियमित रूप से राज्य सरकार द्वारा हर दो वर्ष में किया जाता है। ताकि पोषक तत्वों की कमी की पहचान के साथ ही सुधार लागू हो सके।
  • मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना हेतु इस योजना के तहत राज्यों के लिए अब तक 429 नई  स्टैटिक लैब्स ,102 नई मोबाइल लैब्स, 8752 मिमी लैब्स ,1500 ग्राम स्तरीय प्रयोगशालाओं की स्थापना और 800 मौजूदा प्रयोगशालाओं के लिए शुद्धिकरण को मंजूरी दी गई है।
  • योजना के तहत मृदा की स्थिती का आकलन नियमित रूप से राज्य सरकार द्वारा हर दो वर्ष में किया जाता है।
  • इस योजना में किसानों को एक कार्ड दिया जाता है जिसने कि उनकी खेती के मिट्टी की पूरी जानकारी लिखी होती है। जिससे यह पता लगाने के लिए सुविधा हो कि उनके मृदा को कितना पोषक तत्व दिया जाना चाहिए कितना नहीं।
  • हर किसान को ये मृदा स्वास्थ्य कार्ड हर 3 साल कर दिया जाता है।
  • आंकड़ों पर अगर गौर करें तो मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के दूसरे चरण में बीते दो साल के दौरान 11.69 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों में बांटे गए हैं।

 मृदा स्वास्थ्य कार्ड के इस्तेमाल से रासायनिक उत्पाद के इस्तेमाल में 8% से 10% की कमी आया है ।


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 मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना ( Soil Health Card Scheme )
  • केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक बिना स्वास्थ्य कार्ड से किसानों को मिट्टी की सेहत के पैमाने को जानने में मदद मिली है । सही इस्तेमाल से इसकी  उर्वरता शक्ति में सुधार हुआ है।
  • नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल ( National Productivity Council )  के सर्वेक्षण से ये बात पता चली है , की विधा स्वास्थ्य कार्ड के सुझाव पर अमल करने से रासायनिक उत्पादों के इस्तेमाल में  8% से 10% तक की कमी आई है।
  • गौरतलब है कि केंद्र सरकार के मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की पहली चरण वर्ष 2015-17 के दौरान किसानों को 10.74 करोड़ कार्ड बांटे गए , जबकि दूसरे चरण दो  2017-19 के दौरान 11.69 करोड़ कार्ड बांटे गए हैं।
कृषि मंत्रालय ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में आदर्श ग्राम विकास का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, इसके तहत किसानों की साझेदार अपनी कृषि योग्य भूमि के नमूने लेकर उसकी जांच पड़ताल करने के कार्यक्रम को प्रोत्साहन दिया जा रहा है । इस परियोजना के तहत मिट्टी के नमूनों का संग्रह करने और प्रतेक कृषि जो भूमि का विश्लेषण करने के लिए आदर्श ग्राम का चयन किया गया है । मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना किसानों को वरदान के रूप में साबित हो रही है।
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मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना ( Soil Health Card )
  • इतना ही नहीं इसलिए ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार भी मुहैया कराने में मदद की है । इस कार्ड के जरिए किसानों को अपनी जमीन की सेहत जानने और उसमें उर्वर के इस्तेमाल को लेकर मदद मिली है।  मिट्टी की सेहत और खाद के बारे में सही जानकारी न होने से किसान आमतौर पर नाइट्रोजन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। जो ना सिर्फ कृषि उद्योग की गुणवत्ता के लिए खतरनाक है, बल्कि इसकी भूमिका जल में नाइट्रेट की मात्रा भी बढ़ जाती है । 
  • इससे पर्यावरण समस्याएं भी उत्पन्न होती है मृदा स्वास्थ्य हार्ड इस्तेमाल करके इन समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। आंकड़ों पर अगर गौर करें तो मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के दूसरे चरण में बीते दो साल के दौरान  1169 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को बांटे गए हैं ।
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कृषि स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग सेेेेेे पर्यावरण
  • कृषि के साथ ही साथ कृषि क्षेत्र में रोजगार को अच्छी तरीके से चला  सकेंगे और साथ ही साथ पर्यावरण पर भी सुधार कर सकते हैं।
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1 Comments

  1. बहुत अच्छा कंटेंट है।

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